Zindagi Bna Di [Unplugged]

Hansraj Raghuwanshi

ओ…. ओ….

एक बात तुझे बोलो
सौ रब्ब दी मै ख़ाके
एक बात तुझे बोलो
सौ रब्ब दी मै ख़ाके

मेरी ज़िंदगी बना दी
तूने ज़िंदगी में आके
ज़िंदगी बना दी
तूने ज़िंदगी में आके
(तूने ज़िंदगी में आके)

मै कौन हो कहा हो
तू जहा मै वहा हो
मै कौन हो कहा हो
तू जहाँ मै वाहा हो

सारी दुनिया भूला दी
तूने नज़रे मिलके
ज़िंदगी बना दी
तूने ज़िंदगी में आके

तेरे पास मेरा दिल है
मेरे दिल के तू पास
तुझे देखके मिटी है
मेरी रूह की यह प्यास

रोज माँगो मै दुआए
तू जुदा हो ना जाए
तू जुदा हो ना जाए
रोज माँगो ये दुआए

साँसे छोड़ दे ना साथ
कही तुमसे दूर् जाके
ज़िंदगी बना दी
तूने ज़िंदगी में आके

एक बात तुझे बोलो
सौ रब्ब दी मै ख़ाके
एक बात तुझे बोलो
सौ रब्ब दी मै ख़ाके

मेरी ज़िंदगी बना दी
तूने ज़िंदगी में आके
ज़िंदगी बना दी
तूने ज़िंदगी में आके

सारी उमर भी कम है
करु इतना मै प्यार
तेरे मेरे बीच की मै
तोड़ डालू हर दीवार

जब तू होता है साथ
ऐसा लगे रविराज
ऐसा लगे रविराज
जब तू होता है साथ

तुझे रखलो मै यारा
सार्रे जग से छुपाके
ज़िंदगी बना दी
तूने ज़िंदगी में आके
ज़िंदगी बना दी
तूने ज़िंदगी में आके

एक बात तुझे बोलो
सौ रब्ब दी मई ख़ाके
एक बात तुझे बोलो
सौ रब्ब दी मई ख़ाके

मेरी ज़िंदगी बना दी
तुनने ज़िंदगी में आके
ज़िंदगी बना दी
तुने ज़िंदगी में आके

Wissenswertes über das Lied Zindagi Bna Di [Unplugged] von हंसराज रघुवंशी

Wer hat das Lied “Zindagi Bna Di [Unplugged]” von हंसराज रघुवंशी komponiert?
Das Lied “Zindagi Bna Di [Unplugged]” von हंसराज रघुवंशी wurde von Hansraj Raghuwanshi komponiert.

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